बिन जन्मकुंडली के अपने नाम के पहले अक्षर की राशि से,कैसे जाने की, आने वाली शनि की साढ़े साती आपके ऊपर शुभ लाभ या अशुभ हानि का फल देगी..

बिन जन्मकुंडली के अपने नाम के पहले अक्षर की राशि से,कैसे जाने की, आने वाली शनि की साढ़े साती आपके ऊपर शुभ लाभ या अशुभ हानि का फल देगी..

यदि आपको अपनी जन्मतिथि आदि कुछ नही पता है,तब कैसे जाने अपने ऊपर शनि की साढ़े साती,यानी साढ़े सात साल में उसका पहला चरण,मध्य चरण ओर अंतिम चरण की, यानी तीन ढईयाओं का लाभ या हानि फल?
तो भक्तों,आप पर जैसे ही शनि की साढ़े साती का असर शुरू होगा तो,वो इस 24 तारीख से पहले सप्ताह से ही असर दिखना शुरू हो जाएगा,वो कैसे?
अपने साथ होने वाली इन घटनाओं पर ध्यान देते चले..
पहले आप अपने ऊपर आने वाली शनिदेव की खराब ढईया ओर साढ़े साती का प्रभाव ऐसे जांचे,,,

1-सबसे पहले आपके रोजमर्रा के सपने बहुत खराब,डरावने दिखने से शुरू हो जायेगे,
जैसे-भूत प्रेत से भरे सपने आने।तो जाने ये साढ़े साती में आप पर पूर्व जन्म के शाप लगने अदृश्य शक्तियों का असर रहने से हानि मिलेगी।
2;आपका प्रत्यक्ष या गुप्त शत्रु आपको हानि पहुँचाता दिखे,तो उस नाम राशि से सावधान रहें।
3-आप गिरते हुये दिखे, रास्ते पर भटक गए,मंजिल तक नहीं पहुँच पा रहे है,तो भविष्य में आपके कार्य,प्लांनिग सफल नही होंगी।
4-अपने या परिजन को रोगी देखना या उदास देखना,तो आप समय समय पर रोगी ओर डिप्रेशन के कष्ट का सामना करेंगे।
5-आपका रत्न असल मे या स्वप्न में टूट या खो जाए,तो बहुत बुरा वक्त आने वाला है।तुरन्त नया बनवा लेना।
6-आपके मन मे उदासी छाई रहने लगे,तो आगामी समय मे अनेक धोखे ओर कार्यो में विघ्न आते रहेंगे।
7-आपके चल रहे रोग में बढ़ोतरी हो जाये और ठीक कम हो,तो ये रोग सहित अन्य रोग भी आप पर आक्रमण करेंगे और उनसे समय समय पर रुक रुक के कष्ट पाते रहोगे।
8-अचानक आपका बनता काम,नोकरी में अधिकारी का अप्रसन्न होना,स्थान परिवर्तन होना,पद परिवर्तन होना या बात चले और इन सबके साथ आपको डर की अनुभूति होती रहे,की जाने क्या बुरा घटित होने वाला है,तो समझना ही आगे सही समय नही आने वाला है।
9-आलस्य चढ़ा रहने लगे,नए विचार यानी आइडिये आने बन्द हो जाये,तो जानो,बुद्धि और तन पर शनि कोप शुरू ओर चढ़ा रहेगा।
10-घर मे किसी का चित्र अचानक गिर जाए,बिन हवा के चले,टेढ़ा हो हो जाये,हाथ से वस्तु गिर जाए,रखी वस्तु मिले नहीं,तो जानो,आप से भविष्य में गलतियां होने से आपको समय समय पर अनेक तरहां से मुसीबतों का ओर अपमान का सामना करना पड़ता रहेगा।
11-आपके चल रहे प्रेम प्रसंग में टकराहट बढ़े या आपके बीच मे अनजाने में ही,बिना कारण से मन मे दूरी सी बनने का अनुभव होने लगे,कोशिश ओर एक दूसरे को समझने या आपस मे प्रयत्न करने पर भी,मिलने और गिफ्ट आदि देने पर भी या परस्पर सम्बन्ध बनाने पर भी संतुष्टि का अनुभव नहीं हो तो,जाने ये चल रहा प्रेम प्रसंग आगे किसी न किसी मोड़ पर भंग होने वाला है।
12-आपका कोई अंदर बाहर का पहनने का कपड़ा गायब या ढूंढने पर भी नही मिले, तो जानो कोई,तांत्रिक असर से आपको हानि होने वाली है और आगे भी ऐसे ही बिन पता चले अनिष्ट होंगे।
13-सपने में अपना पहले हो गया या होने वाला पेपर छूटता दिखे या गाड़ी छूटती दिखे,तो ग्रहस्थ ओर प्रेम ओर मित्रता के सम्बन्ध खराब होंगे।ओर ऑफिस के कागज या फाइल आपका गुप्त शत्रु गायब करके,आपकी बड़ी परेशानी बनाएगा।
14-इस समय के बीच में यदि आपको फुंसी फोड़े या खुजली हो जाए ओर बढ़े,गले की खराश जाए नहीं,तो आगे रक्त विकार की बीमारी का किसी रूप में सामना करना पड़े,जो बड़ी बीमारी बनकर सही नहीं होगा।
15-इन बीच गर्भस्थ सन्तान का योग बने,ओर कष्ट व पूरे सपनों से आप घिर जाए,तो होने वाली संतान का आगामी भविष्य शनि खराब होगा।रोग,ऑपरेशन,कठिन प्रसव,यो उसकी जन्मकुंडली में अनेक अशुभ ग्रहों का आगमन सम्भव है।
16-इस समय के शुभ महूर्त में भी किये रिश्ते ओर विवाह में अचानक विघ्न बांधा बनने लगे,विवाद की स्थिति बने, चाहे समस्या हल हो जाये,पर इस होने वाले रिश्ते में भविष्य तकरार भरा या अलगाव की स्थिति का रहेगा।और विवाह के फेरो के समय आग बुझ जाए,तो इस रिश्ते में भविष्य के सम्बन्ध में ठंडापन रहेगा और गांठ बंधते में बार बार खुल जाए,तो रिश्ता तनाव पूर्ण रहेगा।चाहे कितना आगे उपाय कर लेना।इस समय मे वर वधु के गाड़ी में बैठते या उतरते समय अपशकुन हो या लड़खड़ा जाए,तो आगामी सम्बन्धों में धोखा बनेगा।
17-अचानक से शरीर के अंगों मे सोते में या जगे में झटके से लगने लगे,जैसे बिना हिलाए,एक दम हिल कर शांत हो जाये तो,आप पर गुप्त रूप से तांत्रिक क्रिया कराई जा रही है,उससे हानि होगी।
18-सपने में किसी अनजानी जगहां पर जाते में आग जलती देखें तो,आप पर किसी शत्रु द्धारा अपने पूजाघर में ही अंगयारी जलाकर,तांत्रिक अनुष्ठान किया जा रहा है।
19-विशेषकर यदि सपने में भी ओर सच्च में भी, अपना गुरु मंत्र या इष्ट मंत्र नहीं चले या अधूरा बोलों या शत्रु या विपदा को देख भूल जाओ।तो गुरु कृपा कम या हट गई है,यो तुरन्त गुरु शरण लो।मन्त्र का अनुष्ठान बढा दो।वहां जाकर कुछ सेवा करो।

ऐसे ही कुछ और अनिष्ट कारणों के विषय मे आगामी लेख में बताऊंगा।

शनिदेव की साढ़े साती का आप पर शुभ पहचान:-
वैसे ऊपर दिए गए बुरे प्रभावों का दर्शन या अनुभव नहीं हो तो आप पर शनिदेव की साढ़े साती का प्रभाव हानिकारक नहीं होगा।यो..

1-आपके इस समय के सप्ताह में या दो सप्ताहजे अंदर अंदर ही सपने अच्छे प्रसन्नता भरे दिखें।तो आगामी समय शुभ रहेगा,ओर यदि सामान्य सपने आये,तो सामान्य साढ़े साती सिद्ध होगी।कुछ नया नहीं होगा।
2-अपने अंदर नया उत्साह,कुछ खुशी का अनुभव हो,कुछ लगे कि,मुझे सहज ही अच्छी नींद आ रही है।क्रोध कम आ रहा है,तो आगे की शनि की ढईया शुभ सिद्ध होगी।
शनिदेव की साढ़े साती के संछिप्त उपाय:-
वैसे तो अन्य लेखों में अनेक उपाय बता चुका हूं,वहां पढ़ सकते है,,फिर भी,,

अपने जप तप बढा दें,रेहि क्रियायोग करें और शनिवार को शनिमंदिर में देशी घी से बना चना हलुवा बांटते रहें।ओर अपने रत्न ओर शनि छल्ले को हर शनिवार को शुद्ध करते हुए फिर से पहनते रहें।कुत्ते ओर बिजार को कुछ न कुछ खिलाते रहें।यात्रा से पहले कुछ मीठा कहकर पानी पीकर जाए।अपने ऊपर व वाहन ओर घर,कार्य स्थान पर गुरु मंत्र से सिद्ध गंगा जल का छिड़काव किया करें ओर जरा सा अवश्य पीये भी तथा स्नान के जल में डालकर स्नान किया करें,तो बहुत ही लाभकारी रहेगा।
ओर प्रत्येक महीने में पास के मन्दिर या गुरु स्थान आदि पर घी व तेल ओर यज्ञ सामग्री का अवश्य ही दान करें।

जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः
स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी
Www.satyasmeemission.org

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