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श्रीमद् पार्वती का चैत्र पूर्णिमा 19 अप्रैल 2019 दिन शुक्रवार को जन्मोदिवस पर सत्यास्मि मिशन की ओर से पांचवें प्रेम पूर्णिमाँ व्रत को मनाकर उन्हें शुभकामनाए देते अपनी कविता से स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी…

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श्रीमद् पार्वती का चैत्र पूर्णिमा 19 अप्रैल 2019 दिन शुक्रवार को जन्मोदिवस पर सत्यास्मि मिशन की ओर से पांचवें प्रेम पूर्णिमाँ व्रत को मनाकर उन्हें शुभकामनाए देते अपनी कविता से स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी…

पार्वती पूर्णिमाँ प्रेमावतरण दिवस:-

सती जन्मी चैत्र पूर्णिमा
और जन्मी पार्वती चैत्र की पूर्ण।
स्वयं पूर्णिमाँ इन रूप में
अवतरित हुयी पूर्णिमाँ सम्पूर्ण।।
प्रातः बेला भोर की
सर्व मंगलकारी योग।
नाँद हो रहा ॐ का
स्वयं अनुभूत सत्य सुयोग।।
ऋषि तपि यज्ञ करन में
संग्लन हुए स्वयं।
त्रिलोक प्रसन्न स्वं आत्मवत्
एकोहम् त्रित्त्व घोष अहम्।।
हिम सहित हिमराज भी
पिता सुख से हुए अनुभूत।
माता मेना को बिन कष्ट के
सहज प्रसव पुत्री अहूत।।
सप्त ऋषि आशीष दे
और रखा पार्वती नाम।
ज्यों बोला ये अमर नाम
हुआ विश्व अमृतमय धाम।।
दिव्यता छटा अवर्णीय
सुगंध स्वर्गिक आलोक।
प्रेम स्वयं प्रकाशित इस
कन्या स्वरूप भूलोक।।
स्वयं ज्ञानमयी मूर्ति
उद्धभासित हुआ निज ज्ञान।
मैं कौन हूँ ये मैं जानती
प्रकर्ति स्वयं पार्वती हो भान।।
स्वयंभू गुरु स्वयँभू तरु
स्वयंभू सर्व निज पूर्ण।
स्वयंभू सती पूर्णिमा अवतरित
स्वयं का अर्थ पार्वती सम्पूर्ण।।
बाल्य लीला करती बड़ी हुयी
और विवाह हुयी स्वं योग्य।
चिंतन हुआ मात पिता को
ढूंढो पार्वती को वर सुयोग्य।।
पर जो आई है अवतरित प्रेम
वह उसी में है निग्मन।
यही उपासना बनती गयी
प्रेम अनवरत हुआ मन तन।।
सनातन सत्य स्वरूप शिव
जो सती विरह विगल।
वही उसे देने पुनः
अराधे पार्वती प्रेम अचल।।
षोढ़ष कला षोढ़षी स्वयं
चेतन चैत्र चैतन्य।
शक्ति स्वयं भक्ति बनी
इस शिवत्त्व हुआ चैतन्य।।
प्रकट हुआ स्वयं लिंग
शिव का अधरा स्वरूप।
वर स्वयं बना वरदान जन
एक हुया नर नारी रूप।।
पार्वती ही शिव है
और पार्वती शिव का प्रेम।
वेराग्य बना इस सुयोग से
अतुलनीय रागी एक प्रेम।।
पुरुष के ही सम्पूर्णत्त्व को
ये पार्वती पूर्णिमा लीला।
सती सति हो सतित्त्वत
नर नार प्रेम जग लीला।।
इस प्रेम तपस्या नो दिवस
का चैत्र नवरात्रि नाम।
नवदा प्रेम की नो कला
भक्ति शक्ति प्रेम इस धाम।।
दो मैं मिल जब हम हिम बने
स्थिर शीतल प्रेम कहे शैल।
प्रेम स्थिर हो पूण्य जने
शैलपुत्री प्रेम नाम हो पहल।।
प्रेम अटल पर्वत समान
प्रेम में पर वत अर्थ है खंड।
प्रेम जने तब पर वती
पार्वती नाम यूँ प्रेम अखंड।।
ब्रह्म ब्रह्मज्ञान कर आचरण
यही दिवस प्रथम ब्रह्मचारिणी।
मन की खिला सोलह कला
चन्द्र घँटा नाम यूँ धारणी।।
कुत्सित समस्त विचार मिटा
और मन कर एकाकार।
मनन से ऊर्जा उत्थित बने
त्रितापहारणी नाम कुष्मांडा नार।।
शक्ति करती जनन यहां
सन तन के सप्त कुमार।
इन स्कन्द माता बन नाम है
स्कन्दमाता प्रेम अपार।।
प्रेम कृत्य जो सिद्ध करे
और प्रेम उत्पन्न शुभ देव।
अशुभता दैत्य नाम बिन प्रेम है
प्रेम कृत्य नाम कात्यायनी स्वमेव।।
बिना प्रेम सब अकाल है
और प्रेम से हैं सब काल।
बिन प्रेम सब अंधकार रात्र
यही कालरात्रि नाम विशाल।।
प्रेम तपे सो भोर हो
प्रेम उदित उजित रंग गौर।
प्रेमिका बने जो प्रेम कर
महागौरी नाम प्रेमपौर।।
अर्थ धर्म काम मोक्ष सिद्ध
अर्थहीन बिन प्रेम।
प्रेम स्वयं में महासिद्ध है
सिद्धिदात्री स्वयं प्रेम योगक्षेम।।
यही पार्वती जन्म कथा
जो जाने माने ध्याये।
नित श्रवण मनन कर जपे
तप सो दिव्य प्रेम पूर्णिमाँ पाये।।
सत्य पुरुष का नाम है
ॐ सब जग नारी नाम।
सिद्धायै है प्रेम सृष्टि जगत
नमः एक्त्त्व प्रेम निज काम।।
ईं मनुष्य की कुंडलिनी
फट् चतुर्थ मानव है कर्म।
स्वाहा मनुष्यता विस्तार
अहम् सत्यास्मि पाना आत्मधर्म।।
आदि अनादि सभी नारी
सत्यई पूर्णिमाँ है अवतार।
पूर्णिमाँ बारह युगों तक
हर नारी शक्ति सार।।
पूर्णिमाँ ही सति पार्वती
पूर्णिमाँ दसों सर्व विद्या।
पूर्णिमाँ ही सीता रूप में
पूर्णिमाँ प्रेम राधे बन नित्या।।
पूर्णिमाँ बुद्ध की यशोधरा
पूर्णिमाँ प्रेम यशोदा महावीर।
पूर्णिमाँ नाम स्वयं प्रेम पूर्ण
पूर्णिमाँ प्रकाशे प्रेम चंद्र हीर।।
प्रेम प्रतीक अमृत सोम
वही बटें प्रेम सोमवार।
सत्य नारायण पूर्णिमाँ प्रेम रूप
शिव पार्वती पूर्णिमाँ नर नार।।
यो मनाओ प्रेम की पूर्णिमाँ
जला प्रेम दीप प्रेम घृत।
प्रेम चंद्र प्रेम सेब लगा
बांध प्रेम डोर प्रेम के व्रत।।
प्रेम की खीर खिलाइये
प्रेम गीत को गा।
प्रेम के वचन निभाइए
प्रेम मिले सदा प्रेम ही भा।।
19 अप्रैल 2019 दिन शुक्रवार को प्रेम पूर्णिमाँ का व्रत नारी शक्ति का शाश्वत महावतार श्रीमद् सत्यई पूर्णिमाँ के अवतरित भगवती पार्वती के जन्मोदिवस को सत्यास्मि मिशन के सभी पुरुषों द्धारा अपनी पत्नियों के सभी मंगलकामनाओं के लिए सत्य ॐ सिद्धाश्रम बुलंदशहर में साय 3 से 5 के मध्य मनाया जा रहा है आप भी अवश्य अपने घर मनाये।।

शुभजन्मदिन श्रीमद् पार्वती प्रेमपूर्णिमाँ

स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी
जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः
Www.satyasmeemission.org

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